by Major Krapal Verma | Apr 26, 2025 | रजिया
सोफी ने पानी भरती मां सा को चुपके से, दबे पांव पास आ कर बाँहों में भर लिया था। मां सा को बमकते, चिल्लाते और ललकारते सभी नीमो की ढाणी के लोगों ने देखा था। सब ठठा कर हंस रहे थे। अचानक ही राहुल को सामने आया देख मां सा की समझ में खेल आ गया था। वह अपने शरारती बेटे को खूब...
by Major Krapal Verma | Apr 24, 2025 | रजिया
सुबह की फ्लाइट से माइक मास्काे पहुँचा था। सबसे पहला काम उसने किया था – अपना नया नाम राेज ग्रांट रखा लिया था। इस अभियान के लिए ये उसका नया अवतार था। पहली बार उसने मास्काे शहर काे देखा था। उसे याद हाे आया था कि कभी मास्काे साेवियत संघ की राजधानी थी। साेवियत संघ जब...
by Major Krapal Verma | Apr 20, 2025 | रजिया
“मजनूं महल वाॅज ए हैल।” लैरी ने अपना अनुभव बरनी काे बताया था। “मैं ताे पागल हाेने काे था सर।” उसने अपने दाेनाें हाथ हवा में फेंके थे। “ऐसा क्या था यार? मुझे ताे बताया था कि वाे ..” बरनी सनाका खा गया था। “बिगड़ गया काम?”...